| टोफू क्या है बनाने की विधि व फायदे |
टोफू सोयाबीन मिल्क से बनता है।टोफू प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत होता है। पनीर में टोफू के मुकाबले फैट की मात्रा अधिक होती है। इसलिए टोफू खाना कहीं ज्यादा बेहतर है। इसे बनाना भी आसान है इसमें कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है इसलिए इसके अनेको फायदे है
टोफू क्या है - Tofu kya hota he:
टोफू सोया दूध से बनता है । व दिखने मे पनीर जैसा होता है टोफ़ू का आविष्कार प्राचीन चीन में हुआ टोफ़ू में लोहा और प्रोटीन बहुत होता है और पनीर की तुलना में इसमें कम कैलोरी होती हैं जिसकी वजह से यह वजन कम करने में भी कारगर है।
जिन लोगों को दूध की बनी चीजों से एलर्जी है, उनके लिए टोफू एक अच्छा विकल्प है । जिन लोगों को दूध की बनी चीजों से एलर्जी है, उनके लिए टोफू एक अच्छा विकल्प है ।
टोफू बनाने की विधि- tofu recipes:
टोफू बनाने के लिए सोयाबीन को रात मे भिगा ले सुबहा हल्के हाथों से रगड़िये ताकि उसके सारे छिलके निकल जाएं ।अब इसमे पानी डालकर एक मिक्सर मे पीस ले
अब इसे किसी बड़े बर्तन में डाल के गैस पर रख दीजिए जब इसमे उबाल आने लगे तो इसे गैस से उतार ले
किसी बड़े बर्तन पर एक बारीक कपड़ा रख कर छान लीजिये जो नीचे बर्तन में छन जाएगा वही आप का सोयामिल्क है।
और ऊपर जो इसका पल्प बचा है इसे आटे में मिलाकर रोटी या पराठा बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं ।
अब जो दूध हमने निकाला है उसे गैस पर रख कर एक उबाल आने तक गर्म करें
इसमें 2 चम्मच नींबू का रस मे 2 चम्मच पानी मिलाकर डाल दीजिए अब आप देखेंगे कि ये बिल्कुल दूध की तरह फट जाएगा । ना फटे तो थोड़ा नीबू और मिला दे
इसे बारीक मलमल के कपड़े में डाल दीजिए जिससे इसका सारा पानी निकल जाए फिर इसे कुछ घण्टे सेट होने के लिए रख दीजिए। अब आप इसे उपयोग कर सकते है.
टोफू के फायदे-tofu ke fayde
- ब्रेस्ट कैंसर मे टोफू - Breast cancer ka khatra kam krta he:
सोया में ऐसी एंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टीज पायी जाती है जो कैंसर कोशिकाओं के विकास में रूकावट पैदा करता है। यही वजह है कि नियमित रूप से सोया या सोया से बनी चीजों का सेवन करने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है। रिसर्च में भी यह बात साबित हो चुकी है कि हफ्ते में कम से कम एक बार सोया प्रॉडक्ट्स का सेवन करने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 48 से 56 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
- कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है- Colesterol Control me tofu: टोफू ना सिर्फ बॉडी में प्रोटीन की कमी को पूरा करता है बल्कि शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम करता है।
- बालों के लिए टोफू- Balo ke liye tofu: बालों की सेहत के लिए भी टोफू बेहद उपयोगी है। यह केराटिन प्रोटीन की कमी को दूर करता है, जिससे बालों का गिरना कम होता है।
- टोफू का उपयोग जवान दिखने मे-javan dikhne me tofu: टोफू में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जिससे शरीर में पैदा होने वाले फ्री रेडिकल्स नष्ट हो जाते हैं और चेहरे पर बढ़ती उम्र का असर कम दिखता है।
- डायबिटीज के खतरे को कम करने मे टोफू - Diabetes ka khatra kam: टोफू ब्लड शुगर कंट्रोल को बेहतर बनाने में मदद करता है। मेनोपॉज के बाद वाली स्वस्थ महिलाओं पर की गई एक स्टडी में यह बात सामने आयी कि रोजाना करीब 100 मिलिग्राम सोया आइसोफ्लैवन्स के सेवन से ब्लड शुगर का लेवल 15 प्रतिशत तक कम हो जाता है और इंसुलिन का लेवल 23 प्रतिशत तक कम।
- टाइप 2 डायबिटीज लिए टोफू - Type 2 Diabetes me Tofu: टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को अक्सर किडनी की बीमारी भी हो जाती है जिससे शरीर पेशाब में प्रोटीन की अधिक मात्रा का उत्सर्जन करने लगता है। एक अध्ययन के सबूत ये संकेत देते हैं कि वैसे लोग जो अपने आहार में केवल सोया प्रोटीन का सेवन करते हैं, वे उन लोगों की तुलना में कम प्रोटीन उत्सर्जित करते हैं जो केवल ऐनिमल प्रोटीन का सेवन करते है
- किडनी फंक्शन मे मददगार टोफू - Kidney function better: सोया प्रोटीन किडनी के कार्यों को बढ़ा सकता है और यह उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के दौर से गुजर रहे हों। 9 परीक्षणों के एक मेटा विश्लेषण ने लंबे समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीज के कुछ बायोमार्कर्स पर सोया का सकारात्मक प्रभाव देखा। यह टोफू की प्रोटीन सामग्री के कारण हो सकता है।
- वजन घटाने में टोफू - Weight loss me madad karta hai: एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि जिन लोगों ने 8 हफ्तों से लेकर 52 हफ्तों तक सोया आइसोफ्लैवन्स से भरपूर टोफू का सेवन किया उनके वजन मे 4.5 किलोग्राम की कमी देखने को मिली। इसके अलावा टोफू में कैलोरी भी बेहद कम होती है और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसलिए भी टोफू वेट लॉस के लिए परफेक्ट फूड है।
टोफू के नुकसान-tofu se nuksan:
सोया पनीर हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों को सोया उत्पादों से एलर्जी भी हो सकती है। ऐसी स्थिति टोफू का सेवन बहुत ही कम मात्रा में करना चाहिए। आइए जाने टोफू के संभावित नुकसान क्या हैं।- टोफू से पेट को नुकसान -tofu se pet ko nuksan : बाजार में उपलब्ध टोफू सहित अधिकांश सोया उत्पाद आनुवंशिक रूप से संशोधित किये जाते हैं। इसलिए अधिक मात्रा में इसका सेवन गुर्दे के पत्थर, पाचन की समस्या और लीवर की परेशानी को बढ़ा सकता है। इन उत्पादों का अधिक मात्रा में सेवन आंत में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए टोफू को कम मात्रा में सेवन करना चाहिए।
- टोफू से थॉयराइड मे नुकसान - thyride me: एक रिपोर्ट के अनुसार सोया आधारित शिशु आहार बच्चों में थॉयराइड समस्या को जन्म दे सकता है। इसलिए अधिक मात्रा में सोया उत्पादों का उपभोग करने से बचें।
- टोफू से एलर्जी-tofu se allergi: जिन लोगों को पेले से सोया उत्पाद से एलर्जी है उने टोफू का सेवन नहीं करना चाहिए।
100 ग्राम टोफू मे प्रोटीन की मात्रा
100 ग्राम टोफू में लगभग 10 ग्राम प्रोटीन होता है, तो वहीं इसमें 40-44 कैलोरी तक ऊर्ज़ा प्राप्त होती है जो बॉडी की प्रोटीन की जरूरत को पूरा करता है।यहा पर हमने टोफू क्या है व केसे इसे आसानी से घर पे बनाया जा सकता है और इसके फायदे व नुकसान के बारे मे जाना बावजूद इसके अगर आपके मन में किसी भी तरह की शंका हो तो अपने डॉक्टर या डायटिशियन से बात करने के बाद ही टोफू का सेवन करें।
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