आयुर्वेद में सरसों के तेल को औषधि की श्रेणी में रखा है.सरसों का तेल सेहत के साथ साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है। सरसों के तेल में कई ऐसे तत्व भी होते हैं, जो पेनकिलर का काम करते हैं। बाल काले करने हो या सर्दी जुकाम इन सभी समस्याओं में सरसों का तेल एक औषधि की तरह काम करता है इसके अलावा इसके अनेको फायदे जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे।
| सरसों के तेल के फायदे जाने |
- बालों को काला रखने मे : सिर के बालों में नियमित रूप से सरसों का तेल लगाने से वे जल्दी सफेद नहीं होंगे,यह बालों की जड़ों को पोषण देकर रक्तसंचार बढ़ाता है जिससे बालों का झड़ना बंद हो जाता है सरसों के तेल में थोड़ा हिना पाउडर मिलाकर कुछ देर उबालकर छानकर बालों में लगाने से बाल झडऩा कम हो जाते हैं
- सरसों के तेल की मालिश : करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचार भी बेहतर होता है। यह शरीर में गर्माहट पैदा करने में भी मददगार होता है। जिससे शरीर स्वस्थ रहता है
- जोड़ों के दर्द व गठिया मे : जोड़ों के दर्द व गठिया के उपचार में इसकी मालिश करे इसके लिए सरसो के तेल को गुनगुना करके इसकी मसाज करने से मांसपेशियों की जकड़न भी खुल जाती है।
- सर्दी-जुकाम से राहत : रात को सोते समय सरसों का तेल हल्का गुनगुना कर नाक में दो-दो बूंद डाल लें. अगली सुबह जब आप उठेंगे तो आपको सर्दी-जुकाम की समस्या राहत मिलेगी. ऐसा लगातार दो से तीन दिन करने पर पुराने से पुराना जुकाम दूर हो जाएगा सरसों के दाने शहद के साथ पीसकर चाटने से खाँसी में आराम मिलता है
- पेरो की थकावट दूर करने मे : पैर के तलवों में सरसों के तेल की मालिश से थकावट दूर होती है, तथा इससे आँखों की ज्योति भी बढ़ती है।
- रुखी त्वचा के लिए फायदेमंद : इसमें विटामिन ई पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. सर्दियों में अक्सर रुखी त्वचा की परेशानी हो जाती है. ऐसे में आप सरसों के तेल की मालिश करें और सेवन करें. इसका सेवन और मालिश करने से त्वचा को अंदरुनी पोषण मिलता है. साथ ही आप इसे चेहरे पर लगाएंगे तो त्वचा की नमी भी बनी रहती है.
- दांतों की तकलीफ में : यदि आपके दांत में केविटी या पायरिया के कारण दर्द है तो सरसों के तेल में नमक मिलाकर मसूड़ों पर हल्की मालिश करें. ऐसा करने से दांतों का दर्द दूर हो जाएगा और दांत भी मजबूत बने रहेंगे.
- भूख नहीं लगने पर : अगर भूख न लगे, तो खाना बनाने में सरसों के तेल का उपयोग करना लाभप्रद होता है। शरीर में पाचन तंत्र को दुरूस्त करने में भी लाभदायक होता है।
- हार्ट के लिए : सरसों के तेल का प्रयोग करने से से कोरोनरी हार्ट डिसीज का खतरा भी कम होता है। इसलिए सरसों के तेल को अपने खाने में जरुर शामिल करें।
- कान मे दर्द होने पर : सरसों के तेल में दर्दनाशक गुण हैं, सरसो के तेल मे चार कलियां लहसुन की डाल कर हल्का गुनगुना कर दो बूंद गुनगुना सरसों का तेल कान में डालने पर आराम मिलता है।
- नवजात शिशु और प्रसूता की मालिश : करने के लिए सरसों का तेल सबसे अच्छा रहता है। सरसों के तेल से मालिश करने के बाद नहाने से शिशु को सर्दी होने का खतरा नहीं रहता, यदि बच्चे का सर्दी लग गई हो तो सरसों के तेल से मालिश करने से दूर हो जाती है।
- त्वचा के लिए फायदेमंद : सरसो के तेल में विटामिन ई भरपूर मात्रा में होता है जिस वजह से इसकी मसाज त्वचा फायदेमंद है। इसके अलावा, यह त्वचा को अल्ट्रावॉयलेट किरणों से भी बचाता है, यह नैचुरल सनब्लॉक की तरह काम करता है।
- वजन घटाने में : सरसों के तेल में थियामाइन, फोलेट और नियासिन पाया जाता है. ये तीनों ही तत्व शरीर के मेटाबाल्जिम को बढ़ाने में मददगार रहते हैं. जब ये तीनों तत्व शरीर में पहुंचते हैं तो इससे वजन घटाने में मदद मिलती है.
- अस्थमा की रोकथाम मे: अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए सरसों का तेल खासतौर पर फायदेमंद होता है. सरसों में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम व सेलेनियम पाया जाता है जो कि अस्थमा के प्रभाव को कम करने में काफी हद तक फायदेमंद हो सकता है
- फटे होठों के लिए : अगर आप रात में बिस्तर में जाने से पहले सरसों का तेल अपनी नाभि पर लगाते है तो आपको कभी भी होठ फटने की समस्या नहीं होगी। इसके साथ ही नाभि पर सरसों के तेल की मालिश करने से पेट दर्द नहीं होता है
Bhout badiya.... Please मोटापे के लिए कुछ bataye
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